इज़राइल-ईरान संघर्ष के साथ साइबर अभियान भी चलते रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट की 2026 डिजिटल डिफ़ेंस रिपोर्ट के अनुसार, साइबर खतरे की गतिविधियों के प्रमुख निशानों में इज़राइल था। रिपोर्ट ईरानी राज्य से जुड़ी कार्रवाइयों को सैन्य गतिविधि और प्रभाव अभियानों से तेज़ी से जुड़ता हुआ बताती है।
ईरान से जुड़ी साइबर गतिविधियाँ
माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट जुलाई 2025 से जून 2026 तक देखी गई गतिविधियों को समेटती है। इसमें इज़राइल को प्रभावित करने वाले ईरान-संबद्ध अभियान पहचाने गए हैं और विनाशकारी कार्रवाइयों, डेटा मिटाने तथा परिचालन प्रौद्योगिकी को बाधित करने की कोशिशों का वर्णन है। रिपोर्ट खुफिया जानकारी जुटाने, व्यवधान पैदा करने और प्रभाव अभियानों को समर्थन देने वाली साइबर गतिविधियाँ भी बताती है।
युद्ध के दौरान सोशल मीडिया पर प्रभाव अभियान और साइबर घुसपैठ, सैन्य हमलों के साथ-साथ चले। IDF साइबर और गुप्त गतिविधियों को व्यापक संघर्ष का हिस्सा बताता है। मिसाइल हमलों के साथ इज़राइली संगठनों को ईरान से जुड़े साइबर खतरों का भी सामना करना पड़ा।
सैन्य अभियानों के साथ साइबर गतिविधि
संघर्ष के डिजिटल आयाम में सैन्य अभियानों के साथ साइबर खतरे और प्रभाव गतिविधियाँ शामिल थीं। डिजिटल गतिविधि के साथ हुई सैन्य घटनाओं के बारे में पढ़ें अभियान का अवलोकन और ईरान के क्षेत्रीय साझेदारों पर पृष्ठ।
माइक्रोसॉफ्ट की 2026 डिजिटल डिफ़ेंस रिपोर्ट देखी गई खतरा गतिविधियों का सार देती है। Ynetnews ने उस रिपोर्ट में इज़राइल और ईरान के आँकड़ों की खबर दी। IDF ने व्यापक साइबर और गुप्त संघर्ष पर अपना विवरण दिया है।