यमनी सरकारी बलों ने पश्चिमी ताइज़ प्रांत के अल-वाज़ियाह जिले में स्थित अल-हदरा के लोकप्रिय बाज़ार पर शुक्रवार को बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का आरोप हूति मिलिशिया पर लगाया है। हूतियों द्वारा घोषित आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई। इससे पहले शुक्रवार को स्थानीय सूत्रों ने अल-मस्दर ऑनलाइन को बताया कि सुबह बाज़ार को निशाना बनाकर की गई गोलाबारी में कम से कम 20 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, जिसके बाद में हताहतों की संख्या बढ़ गई। हूतियों से जुड़े मीडिया माध्यमों ने 29 लोगों के नामों की एक सूची जारी की, जिन्हें इस हमले का शिकार बताया गया है। अल-मस्दर ऑनलाइन ने बताया कि वह इन नामों या हमले के लिए ज़िम्मेदार पक्ष को लेकर दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है, जबकि स्थानीय मीडिया ने प्रक्षेपास्त्र के स्रोत को लेकर अलग-अलग विवरण दिए हैं।
सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल स्टाफ माजिद अल-नज़ीली ने कहा कि हूतियों ने बाज़ार को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया, जिससे दर्जनों नागरिक हताहत हुए। अल-नज़ीली ने इस हमले को एक युद्ध अपराध करार दिया और इसके आदेश देने वालों तथा इसे अंजाम देने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने समूह पर आरोप लगाया कि जब भी उसे युद्ध के मैदान में हार का सामना करना पड़ता है या मिसाइल परीक्षणों में विफलता मिलती है, तो वह अपने हथियारों का रुख नागरिकों की ओर कर देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध सशस्त्र बलों के उनके खतरे को जड़ से खत्म करने और ऑपरेशन "फज्र अल-यमन" को जारी रखने के संकल्प को और मज़बूत ही करेंगे। अल-नज़ीली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नागरिकों के खिलाफ किए जा रहे अपराधों पर अपनी ज़िम्मेदारी निभाने की अपील की, जिसमें हूतियों को आतंकवादी संगठन घोषित करने, उनके वित्तीय स्रोतों को सुखाने और हथियारों की आपूर्ति रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना शामिल है।
हूति सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि बाज़ार पर सऊदी अरब द्वारा तीन हवाई हमले किए गए और उन्होंने इस हमले तथा हताहतों के लिए रियाद को ज़िम्मेदार ठहराया। ताइज़ प्रांतीय प्रशासन ने इस हमले की निंदा की और हूतियों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए ऑपरेशंस रूम की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि लड़ाकू विमानों ने उस दिन अल-वाज़ियाह जिले में कोई भी हवाई अभियान या हवाई हमला नहीं किया था। अल-वाज़ियाह के महानिदेशक अली अल-ज़राफ़ी ने भी एक बयान जारी कर ऑपरेशंस रूम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जिले में हवाई हमलों के न होने की पुष्टि की। ताइज़ के पश्चिमी तटीय जिलों के शेखों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस हमले की निंदा की, हूतियों को ज़िम्मेदार ठहराया और घटना की परिस्थितियों का खुलासा करने के लिए प्रक्षेपास्त्र के अवशेषों की जांच की मांग की।