दुष्प्रचार के दावे बनाम ज़मीनी हकीकत
1 अक्टूबर 2024 की शाम को, ईरान के इस्लामिक गणराज्य ने इज़राइल के सैन्य ठिकानों पर लगभग 180 से 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसे तेहरान ने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस II" का नाम दिया था। हमले के कुछ ही मिनटों के भीतर, ईरानी सरकार-नियंत्रित मीडिया तंत्र—जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी और तस्नीम न्यूज एजेंसी शामिल हैं—ने सनसनीखेज दावे प्रसारित किए कि तेहरान की सेना ने नेगेव रेगिस्तान में नेवातिम एयरबेस को पूरी तरह तबाह करने के लिए "हाइपरसोनिक" फत्ताह मिसाइलें दागी हैं। दुष्प्रचार तंत्रों ने सोशल मीडिया पर इन दावों को तेजी से फैलाया, और ऐसे नाटकीय वीडियो क्लिप साझा किए जिनमें कथित तौर पर इज़राइल के प्रमुख F-35I 'अदीर' स्टील्थ लड़ाकू बेड़े वाले हैंगरों को पूरी तरह नष्ट होते दिखाया गया, तथा 20 से 40 उन्नत विमानों के खात्मे का झूठा दावा किया गया।
Forbes की स्वतंत्र रक्षा रिपोर्ट के अनुसार, ये जीत के दावे तथ्यात्मक सैन्य नतीजों के बजाय एक सुनियोजित मनोवैज्ञानिक युद्ध अभियान का हिस्सा थे। वायरल वीडियो क्लिप्स की जांच से पता चला कि वे पिछले विदेशी संघर्षों, औद्योगिक गैस विस्फोटों और 'आर्मा 3' (Arma 3) जैसे डिजिटल सैन्य सिम्युलेटर सॉफ्टवेयर के गलत कैप्शन वाले फुटेज पर आधारित थे। ईरानी शासन अपने मिसाइल शस्त्रागार की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और घरेलू व क्षेत्रीय स्तर पर काल्पनिक युद्ध जीतों का ढोल पीटने के लिए नियमित रूप से कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी और पुराने अभिलेखीय फुटेज का सहारा लेता रहता है।
कमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों ने दावों की खोली पोल
सत्यापन योग्य ज़मीनी साक्ष्यों ने पूरे एयरबेस के तबाह होने के तेहरान के आख्यान को सिरे से खारिज कर दिया। प्लैनेट लैब्स पीबीसी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को ली गई और The Times of Israel द्वारा रिपोर्ट की गई उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली वाणिज्यिक सैटेलाइट तस्वीरों में नेवातिम पर मिसाइल हमलों की वास्तविक स्थिति सामने आई। तस्वीरों से साफ हुआ कि एयरबेस के नष्ट होने की बात तो दूर, नेवातिम के रनवे, मुख्य टैक्सीवे और सुदृढ़ कमान केंद्र पूरी तरह सुरक्षित और पूरी क्षमता से कार्यरत थे।
The War Zone द्वारा प्रकाशित एक विस्तृत ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषण में बताया गया कि हालांकि एयरबेस की विशाल परिधि के भीतर और आसपास दर्जनों मिसाइलें गिरीं, लेकिन उनमें से अधिकांश खुले रेत या खाली ज़मीन पर बेअसर साबित हुईं। दक्षिणी फ्लाइट लाइन के पास केवल एक विमान रखरखाव हैंगर की छत पर मिसाइल का सीधा असर हुआ, जिससे उसमें एक छेद हो गया और टरमैक पर मलबा बिखर गया। सबसे अहम बात यह है कि हमले के समय हैंगर में कोई भी विमान मौजूद नहीं था, और आसपास के बख्तरबंद ढांचे पूरी तरह अक्षुण्ण रहे।
सैन्य सुरक्षा और हवाई अभियानों की निरंतरता
इज़राइली वायु सेना (IAF) की परिचालन दृढ़ता सख्त रक्षात्मक रणनीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे पर निर्भर है। मिसाइल हमले से पहले ही, संयुक्त राज्य अमेरिका और क्षेत्रीय रडार ट्रैकिंग के सहयोग से संचालित इज़राइली पूर्व-चेतावनी प्रणालियों ने ईरानी क्षेत्र से मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगा लिया था। इस पूर्व सूचना से एयरबेस के कर्मियों को सुरक्षित बंकरों में जाने और विमानों को सुरक्षित स्थानों पर तितर-बितर करने की आवश्यक प्रक्रियाओं को लागू करने का पर्याप्त समय मिल गया।
NPR की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण करने वाले स्वतंत्र अप्रसार शोधकर्ताओं ने पुष्टि की कि किसी भी इज़राइली विमान को कोई क्षति नहीं पहुंची और न ही कोई विमान नष्ट हुआ। आईएएफ के F-35I लड़ाकू विमानों को विशेष रूप से प्रत्यक्ष बैलिस्टिक वारहेड हमलों को झेलने के लिए डिज़ाइन किए गए भूमिगत सुदृढ़ विमान आश्रयों (HAS) के भीतर रखा जाता है, जबकि बमबारी के समय कई स्क्वाड्रन हवा में मौजूद थे और इंटरसेप्शन मिशन तथा रक्षात्मक गश्त कर रहे थे।
इज़राइल के हवाई बेड़े को पंगु बनाने के दावों के उलट, नेवातिम बिना किसी रुकावट के कार्य करता रहा। इज़राइल रक्षा बलों ने पुष्टि की कि हमले के दौरान और उसके तुरंत बाद नियमित कॉम्बैट रोटेशन पर उड़ान संचालन निरंतर जारी रहा, जिससे आईएएफ तेहरान के हमले के चंद घंटों के भीतर पूरे मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर परिचालन उड़ानें भरने में सक्षम रहा।